आँख के बदले आँख, दाँत के बदले दाँत... चीख-पुकार और पीड़ा से भरा एक अपमानजनक बदला लेने का नाटक। वह चाहे जितना भी रोए या चीखे, वह रुक नहीं सकती थी। उसकी आत्मा की डोर, हद से ज़्यादा निचोड़कर, बेरहमी से काट दी गई थी।
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कोड:
ddhs-001
रिलीज़ की तारीख:
2008-07-24
अवधि:
02:03:29
प्रकार:
ओएल
,
महिला कॉलेज छात्राएं
,
बंधन
,
समूह खेल
,
मालिश छड़ी