अयाका एक पत्नी है जो अपने पति की कंपनी की आर्थिक तंगी से परेशान है। एक दिन, जब वह किसी बैंक से पैसे उधार न ले पाने के कारण घाटे में थी, तो उसका पति घर आया और मुस्कुराते हुए बोला, "लगता है कंपनी की आर्थिक मुश्किलें आखिरकार सुलझ गईं।" अयाका को राहत मिली, लेकिन कुछ दिनों बाद उसके ससुर का फ़ोन आया, जिसमें उसने कहा, "मुझे अचानक अयाका के घर के बने खाने की तलब लग रही है।" अयाका सप्ताहांत में अपने ससुर के घर गई और उनके जाल में फँस गई। "उनकी कंपनी इसलिए नहीं डूबी क्योंकि मैंने उन्हें पैसे उधार दिए थे।"
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