चाची, जिसने अपने भतीजे को कभी मर्द नहीं समझा था, अब उसके अप्रत्याशित रूप से बड़े लिंग से उत्तेजित हो गई थी। उसने बेपरवाही से उसे सहलाया, अपने शरीर के तीव्र स्पर्श से उसकी टांगों के बीच एक तंबू सा बना दिया और फिर उसे अपनी गर्म योनि में गहराई तक निगल लिया। उसके कोमल, कामुक शरीर ने उसके लिंग को कस कर जकड़ लिया, उसे छोड़ने से इनकार कर दिया। वह उसके ऊपर बैठ गई, अपने कूल्हों को मोड़ रही थी और अपनी योनि को बेपरवाही से हिला रही थी। चाहे कितने भी घंटे बीत गए हों, चाहे उसने कितना भी वीर्य छोड़ा हो, वह पर्याप्त नहीं था। वह खूबसूरत दिन आ रहा था, जब उसकी चुदासी चाची उसे पूरी तरह से चूस लेगी!
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